भारत और पाकिस्तान के बीच फिलहाल तनाव थमता नजर आ रहा है.पाकिस्तानी पीएम इमरान खान ने भारतीय कमांडर अभिनंदन को रिहा करने का एलान किया है.इमरान खान ने भारत से बातचीत का प्रस्ताव एक बार फिर रखा है.भारतीय वायुसेना ने इसे पाकिस्तान का जेनेवा संधि की मजबूरी बताया है.तो वहीं देश में तमाम लोग इस फैसले के लिए इमरान खान का शुक्रिया कर रहे हैं.भारत और सभी भारतीयों के लिए कमांडर अभिनंदन की रिहाई राहत की बात है.

सोशल मीडिया की पक्ष विपक्ष से अलग वाकई इस बात का विश्लेषण करने की जरूरत है की पाकिस्तान ने आखिर किन परिस्थितियों में कमांडर अभिनंदन को रिहा करने का फैसला किया है.ये भारत की कूटनीतिक जीत है या पाकिस्तान की वाकई कोई सज्जनता है.जैसा पाकिस्तानी पीएम इमरान खान ने शांति के प्रतीक के तौर पर अभिनंदन को रिहा करने की बात कही है.
बात शुरुआत से ही करते हैं.पुलवामा हमले के बाद भारत ने दुनिया के कई देशों से समर्थन लिया.उन्होंने पुलवामा हमले की निंदा की.अमेरिका ने तुरंत पाकिस्तान को आतंकवादियों पर कार्रवाई के लिए भी कहा.इसके बाद 26 फरवरी को भारत ने पाकिस्तान पर एयर स्ट्राइक भी की.जैश ए मोहम्मद के आतंकी उसमें मारे गए.आज भारतीय वायुसेना ने उस एयर स्ट्राइक के सबूत होने की बात भी कही.इसके बाद एक बार फिर दुनियाभर में पाकिस्तान को किसी का साथ नहीं मिला.यहां तक की चीन ने भी पाकिस्तान के समर्थन के बयान नहीं दिया बल्कि अमेरिका ने एक बार फिर से उसे आतंकवादियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए कहा है.जैसा की हमने पिछले आर्टिकल में भी जिक्र किया की किस तरह से उसे इस्लामिक देशों के समूह ने भी किनारे कर दिया है.सुषमा स्वराज OIC के कार्यक्रम में आज शिरकत करेंगी और पाकिस्तान मुंह चिढ़ाता रह जाएगा.

इसके बाद भारतीय सीमा में घुसे पाकिस्तानी विमान को मार भी गिराया गया.इसी कोशिश में कमांडर अभिनंदन को पाकिस्तान ने पकड़ लिया.इसके बाद पाकिस्तान ने वीडियो जारी करके लगातार बताया की कमांडर सुरक्षित हैं.दरअसल पाकिस्तान कमांडर को भारत पर दबाव बनाने के लिए इस्तेमाल करना चाहता था.इसके साथ ही वो पूरी दुनिया में अपनी छवि भी साफ करना चाहता था.वीडियो जारी करके वो भी कह रहा था की हमने कमांडर के साथ कोई गलत व्यवहार नहीं किया है.कहीं न कहीं उसे उम्मीद थी की इससे भारत झुकेगा.

पाकिस्तान की उम्मीद के विपरीत भारत ने सबसे पहले पाकिस्तानी राजनयिक को तलब करके कमांडर की तुरंत रिहाई की मांग की.दूसरी तरफ जेनेवा संधि में फंसा पाकिस्तान अब वैसे भी कमांडर के साथ कोई गलत व्यवहार कर भी नहीं सकता था.भारत ने इसके बाद भी इमरान खान के न केवल बातचीत की मांग को ठुकराया बल्कि कमांडर को हानि पहुंचाने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी भी दी.भारत ने शाम 5 बजे अपने तीनों सेनाओं के प्रमुखों की प्रेस कॉन्फ्रेंस का भी एलान किया.ये अपने आप में चेतावनी भरा था.

अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने भी जिस तरह से अच्छा नतीजा निकलने की बात कही वो दिखाता है की अमेरिका का दबाव भी पाकिस्तान पर था.चूंकि पाकिस्तान जानता था की जेनेवा संधि के कारण उसे कमांडर अभिनंदन को रिहा करना पड़ेगा.पाकिस्तान की छवि भी खराब थी.ऐसे में पाकिस्तान ने इसे एक कूटनीतिक मौके के तौर पर इस्तेमाल किया.जो दुनिया के दबाव में जो कल करना पड़ता वो आज कर दिया.इस तरह की खबरें भी आ रही थीं की पाकिस्तान के खिलाफ कार्रवाई के लिए सेनाओं को खुली छूट मिल चुकी है.ऐसे में पाकिस्तान ने कमांडर को रिहा करने में ही भलाई समझी.इस तरह उसने दुनिया की नजर में खुद को सभ्य दिखाने की कोशिश की.

कुल मिलाकर पाकिस्तान का ये कदम अंतर्राष्ट्रीय और भारतीय दबाव में उठाया गया कदम दिखाई पड़ता जिसके जरिए पाकिस्तान ने अपनी छवि को सुधारने का प्रयास किया.जो भारतीय बेवजह पाकिस्तानी पीएम इमरान खान के गुणगान में लगे हैं उन्हें थोड़ा गुणा भाग लगाकर बात करनी चाहिए.