कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद अहमद पटेल का आज गुरुग्राम के मेदांता हॉस्पिटल में निधन हो गया। अहमद पटेल बीते एक माह से बीमार थे और उनके कई अंगो ने काम करना बंद कर दिया था। शुरुआत में उन्हें कोरोना वायरस से संक्रमित होने के बाद हॉस्पिटल में एडमिट कराया गया था।

कोरोना वायरस के संक्रमण ने उनके फेफड़ो को पूरी तरह से ख़राब कर दिया था। अहमद पटेल की मृत्यु की खबर उनके बेटे फैसल पटेल ने सोशल मीडिया पर बयान जारी कर दी। उन्होंने बताया की तड़के सुबह 3:30 am पर अहमद पटेल का निधन हो गया वो कोरोना वायरस के संक्रमण के बाद के प्रभाव से लड़ रहे थे और धीमे धीम उनके कई अंगो ने काम करना बंद कर दिया था।

फैसल ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं से अपील की है वो कोरोना वायरस से जुड़े निर्देश का पालन करें और शोक व्यक्त करने के लिए भीड़ जमा न करें। 1 अक्टूबर को अहमद पटेल ने ट्वीट करके खुद कोरोना संक्रमित होने की जानकारी दी थी।

प्रधानमंत्री मोदी ने ट्वीट करके अहमद पटेल के निधन पर दुःख व्यक्त किया और उनके पुत्र फैसल को फ़ोन कर दुखी परिवार के प्रति सांत्वना व्यक्त की।

गृह मंत्री अमित शाह ने भी भी अहमद पटेल के निधन पर दुःख व्यक्त किया है

अहमद पटेल, लम्बे समय से कांग्रेस के केंद्रीय नेतृत्व में एक पावर सेंटर बने हुए थे। सोनिया गांधी के मुख्य सलाहकार और परदे के पीछे रहते हुए राजनीति और मीडिया मैनेजमेंट के माहिर खिलाड़ी के तौर पर अहमद पटेल को लम्बे समय तक याद रखा जायेगा।

अहमद पटेल ने राजीव गांधी के संसदीय सलाहकार के तौर पर भी काम किया। 2017 में राज्यसभा चुनाव में बीजेपी की तमाम कोशिश के बाद भी अहमद पटेल ने अपनी राजनीति के बल पर सीट निकाल ली और कर्नाटक में जिस तरह से कुमारस्वामी को मुख्य मंत्री बना कर बीजेपी को सत्ता से बाहर रखा, उस तरह का मैनेजमेंट कांग्रेस में मौजूदा समय में किसी दूसरे नेता के बस की बात नहीं है।