भारतीय सेना ने सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल ब्रहमोस के जमीन से जमीन पर मार करने की क्षमता वाले वर्जन का सफल परिक्षण किया है। यह परिक्षण अंडमान निकोबार द्वीप समहू पर किया गया।

परिक्षण के दौरान मिसाइल ने दूसरे द्वीप पर मौजूद टारगेट को बेहद ही सटीक तरीके से उड़ा दिया। हालांकि भारतीय सेना ने जमीन से जमीन पर मार करने वाले इस वर्जन को पहले ही लद्दाख, अरुणाचल प्रदेश और सिक्किम में तैनात कर दिया है। इन मिसाइल की तैनाती होवित्जर तोपों, जमीन से हवा में मार करने वाली मिसाइलों के साथ ही की गयी है।

भारतीय सेना इन मिसाइलों का प्रयोग दुश्मन के बेहद सुरक्षा वाले सैन्य ठिकानों, सैनिक हवाई अड्डों और महत्वपूर्ण सड़कों, पुलों को उड़ाने के लिए करेगी। दुनिया की सबसे बेहतरीन सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल में से एक ब्रहमोस की स्पीड 4000 किलोमीटर प्रति घंटे की है। इतनी तेज स्पीड होने की वजह से मिसाइल को राडार से डिटेक्ट करके रोकना लगभग असंभव है। साथ ही मिसाइल में एंटी इलेक्ट्रॉनिक वॉर डिवाइस इसे राडार प्रूफ बना देते है।

मशहूर अमेरिकी टॉमहॉक क्रूज मिसाइल की स्पीड 900 किलोमीटर प्रति घंटे की है जिसे कोई विमान सुपरसोनिक स्पीड में ओवरटेक कर सकता है। भारतीय सेना में ब्रहमोस मिसाइल की इस समय 4 रेजिमेंट है। हर रेजिमेंट के पास एक कमांड और 4 मोबाइल लांचर है। साथ ही मिसाइल को ट्रांसपोर्ट करने वाले कई सारे वाहन है। हर रेजिमेंट के पास कम से कम 90 मिसाइल की क्षमता है।

हाल ही में नई दिल्ली में रूस के राजनयिक ने बयान जारी कर कहा था की मिसाइल ने सभी जरूरी टेस्ट पूरे कर लिए है अब हम इसकी मारक दूरी को बढ़ाने पर काम कर रहे है और साथ ही इसे दूसरे देशों को बेचने की शुरुआत करेंगे। रूस राजनयिक ने कहा की इसे बेचने की शुरुआत फिलीपीन्स से की जाएगी।

भारतीय सुरक्षा विशेषज्ञों और फिलीपीन्स के विशेषज्ञों के बीच ऑनलाइन बातचीत जारी है और फिलीपीन्स 3 मोबाइल मिसाइल लांचर के साथ ब्रहमोस को खरीदने के लिए समझौते पर हस्ताक्षर करेगा।