आपने भारत में नेताओं को कई मुद्दों पर झगड़ते देखा होगा. कोरोना संकट के दौरान भी दिल्ली के AAP विधायक राघव चड्ढा का ट्वीट खासा वायरल हुआ. ट्वीट में राघव चड्ढा ने यूपी सरकार पर आरोप लगाया था. राघव ने ट्वीट करते हुए लिखा कि योगी आदित्यनाथ की पुलिस दिल्ली से जाने वाले लोगों को पीट पीटकर भगा रही है. राघव के ट्वीट के बाद विवाद बढ़ा और उन्होंने ट्वीट डिलीट कर दिया. बीजेपी नेता मनोज तिवारी भी AAP पर आरोप लगाते नजर आए. अमेरिका के बारे में आपका क्या ख्याल है ? अमेरिका में भी कोरोना संकट के बीच ऐसी ही राजनीति फैली है. हम भारतीय हर एक चीज में अमेरिका को खुद से बेहतर बताते हैं लेकिन इस समय राजनीति के स्तर के मामले में अमेरिका के काफी ऊपर हैं. यहां तो राष्ट्रपति ट्रंप और न्यूयॉर्क के गवर्नर के बीच ही आरोप प्रत्यारोप का दौर जारी है.

आंकड़ों के मुताबिक अमेरिका में इस समय तक 188575 केस सामने आ चुके हैं और 4055 लोगों की मौत हो चुकी है. अमेरिका में न्यूयॉर्क के हालात सबसे ज्यादा खराब हैं, न्यूजर्सी और विस्कांसिन जैसे भी कई प्रांतों के हालात खराब होते जा रहे हैं. ऐसे में भी राष्ट्रपति ट्रंप और गवर्नर क्यूमो के बीच लगातार राजनीतिक द्वंद जारी है. राष्ट्रपति ट्रंप ने न्यूयॉर्क प्रशासन पर आरोप लगाया है कि वो वेंटिलेटर और जरूरी मेडिकल सामान की जमाखोरी कर रहे हैं. ट्रंप मानते हैं कि न्यूयॉर्क की हालत खराब है लेकिन वो ये भी कहते हैं कि न्यूयॉर्क में अगर कोरोना से निपटने में सफलता मिल रही है तो वो इसलिए क्योंकि अमेरिकी सरकार न्यूयॉर्क की मदद कर रही है. इससे पहले क्यूमो ने ट्रंप प्रशासन पर आरोप लगाया था कि वो न्यूयॉर्क में जरूरत के मुताबिक वेंटीलेटर नहीं दे पा रहा है इसलिए न्यूयॉर्क की हालत खराब होती जा रही है.

डोनल्ड ट्रंप ने जब फिर से गवर्नर क्यूमों पर आरोप लगाया तो क्यूमों ने राजनीति में ना उलझने की बात कही. क्यूमो ने कहा,"राजनीति को भूल जाइए. करोना एक राष्ट्रीय आपदा है. यह युद्ध की तरह है और यहां कोई राजनीति नहीं होनी चाहिए

राजनीतिक द्वंद के बीच अमेरिका के हालात दिन पर दिन ख़राब होते जा रहे है। इटली और स्पेन के बाद अमेरिका ऐसा देश बन चुका है जंहा एक ही दिन में 912 लोग मारे गए है। 31 मार्च का दिन अमेरिका के लिए बेहद ख़राब रहा मारे गए 912 लोगों में आधे से ज्यादा न्यू यॉर्क में मारे गए है। इससे पहले 30 मार्च को 588 लोगों की मौत इस खतरनाक वायरस से हो गयी थी।

न्यू यॉर्क में कोरोना वायरस से पीड़ित लोगों का आंकड़ा 75000 पार कर गया है। शहर के हालत इस कदर ख़राब हो चुके है की मृत व्यक्तियों की लाशें रखने के लिए मुर्दाघर में जगह नहीं बची है। लोकल प्रशासन कूलिंग फैसिलिटी वाले ट्रक में लाशें रख रही है।

न्यूयोर्क के अलावा अन्य राज्य कैलिफ़ोर्निया न्यू जर्सी और मिशिगन में हालात काबू से बाहर होते नजर आ रहे है। राष्ट्रपति ट्रम्प का कहना है की अगले 15 दिन अमेरिकी इतिहास के सबसे बुरे दिनों में से होंगे। ट्रम्प के अनुसार जब हम एक अँधेरी सुरंग से गुजर रहे हो तो सुरंग में अंत में दिखाई देने वाली उम्मीद की रोशनी में 15-20 दिन का समय लगेगा।

विश्व के सबसे ताकतवर देश ने जिस तरह से वायरस के आगे हथियार डाले है उससे पता लगता है की मानव समाज युद्ध के लिए तो तैयारी करता रहा पर महामारी से जंग की तैयारी कंही पर नहीं थी। देश में लॉक डाउन होने के बाद भी अभी भी कुछ लोग बाहर घूमते और पार्टी करते दिख ही जाते है। कई लोगो ने अभी तक बीमारी को गंभीरता से लेना शुरू नहीं किया है उनका अभी भी यह मानना है की ये सब मीडिया द्वारा खबरों को बढ़ा चढ़ा कर दिखाने से भय की स्तिथि पैदा हुई है और इससे ज्यादा लोग साधारण वायरल बुखार से मारे जाते है।