15 जुलाई को अचानक से एक एक करके तमाम सेलिब्रिटी, बड़े नेताओं और बिज़नेस मैन के प्रमाणित ट्विटर अकाउंट से एक ही मैसेज पोस्ट होने लगा। "आप जितने बिटकॉइन भेजेंगे उसके ठीक दोगुने पैसे आपको वापस भेजे जायेंगे"

जेफ बेजोस, बिल गेट्स, पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा, राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार जोसेफ बाइडेन और कई बड़े नामों के साथ 130 लोगों के प्रमाणित ट्विटर अकाउंट हैक होते चले गए और ट्विटर कुछ नहीं कर सका। 30 मिनट के अंदर ही लगभग 1 लाख 80 हजार डॉलर के मूल्य के बिटकॉइन लोगों ने दिए गए अकाउंट में भेज भी दिए।

मामले की जाँच कर रहे लोगों और ट्विटर से जुड़े हुए लोगों का यह मानना था की ये हाई प्रोफाइल हैकिंग का काम किसी प्रोफेशनल हैकर का काम है। पर जब फ्लोरिडा के टांपा शहर से जब गिरफ्तारी हुई तो लोग ये जान कर हैरान रह गए की हैकिंग करने वाला व्यक्ति 17 वर्षीय हाई स्कूल (अमेरिका में बाहरवीं को हाई स्कूल कहते है) छात्र है।

ग्राहम इवान क्लार्क को टांपा में उनके अपार्टमेंट से गिरफ्तार किया गया जंहा वो अकेले ही रहता था। फ्लोरिडा के अधिकारियों का कहना है की क्लार्क को 30 मामलों में घोर अपराध की श्रेणी में गिरफ्तार किया गया है। उसके ऊपर हैकिंग, फ्रॉड जैसे गंभीर आरोप लगाए गए है और 17 वर्षीय होने के बाद भी उसे एक व्यस्क अपराधी की श्रेणी में रखा जायेगा।

क्लार्क के अलावा मामले में 2 अन्य लोग मेसन जॉन शेपर्ड, 19 वर्ष, जो की इंग्लैंड का नागरिक है और नीमा फ़ाज़ली, 22 वर्ष जो की ओरलांडो, फ्लोरिडा का रहने वाला है को भी गिरफ्तार किया गया है। शेपर्ड और फ़ाज़ली पर क्लार्क ने जब ट्विटर के नेटवर्क को हैक कर लिया तो अकाउंट में पोस्ट करने का आरोप है।

क्लार्क ने किर्क नाम से ट्विटर के नेटवर्क को हैक कर लिया था। हलाकि पुलिस ने जो डॉक्यूमेंट जारी किये है उसमे किर्क नाम ही दिया गया है। पर सभी सबूत यह इंगित करते है की किर्क, क्लार्क ही है।

हलाकि हैकर की तमाम चालाकी के बाद भी जैसे ही हैकिंग के बारे में आम लोगों को पता लगा और लोगों ने पैसे भेजने शुरू किये। उन पैसे को छिपाने के चक्कर में जल्दबाजी में हैकर्स ने अपनी पहचान के सबूत पीछे छोड़ दिए। कई बार इस तरह के हाई प्रोफाइल केस सुलझाने में कई कई साल लग जाते है। पर हैकर्स की जल्दबाजी ने ये केस महज 2 हफ्ते में सुलझा लिया। ट्विटर ने मामले को सुलझाने वाले पुलिस अधिकारियों को धन्यवाद किया है।